फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: सूप में मिलावट मामले में रेस्टोरेंट संचालक बरी, हाईकोर्ट ने खारिज की सरकार की अपील

विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ फूड एडल्ट्रेशन एक्ट (पीएफए एक्ट) के तहत दर्ज मामले में मनाली के एक रेस्टोरेंट संचालक को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया है। साथ ही राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है।
विज्ञापन

न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की अदालत ने पाया कि खाद्य निरीक्षक ने रेस्टोरेंट ‘’मनाली वन विहार फूड कॉर्नर’’ से टमाटर सूप का सैंपल लिया था। सूप को बोतलों में भरने से पहले जिस कड़ाही या बर्तन में डाला गया था, उसके साफ और सूखे होने का कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं था। अदालत ने कहा कि यदि सैंपल लेने के लिए इस्तेमाल किया गया मध्यवर्ती बर्तन साफ नहीं था, तो सूप में मिलावट की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने यह भी पाया कि पीएफए एक्ट की धारा 13(2) के तहत आरोपी को पब्लिक एनालिस्ट की रिपोर्ट भेजे जाने की प्रक्रिया का पालन किए जाने का पर्याप्त प्रमाण नहीं था। इस मामले में विभाग ने पोस्टमास्टर से मौखिक पूछताछ के आधार पर मान लिया था कि नोटिस आरोपी तक पहुंच गया है, जबकि इसकी पुष्टि करने वाली कोई रसीद पेश नहीं की गई। अदालत ने इस गवाही को सुनी-सुनाई जानकारी पर आधारित मानते हुए स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल नोटिस भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आरोपी तक उसकी डिलीवरी साबित करना भी जरूरी है। यह मामला 11 अप्रैल, 2008 का है, जब खाद्य निरीक्षक ने मनाली वन विहार फूड कॉर्नर का निरीक्षण किया था और टमाटर सूप का सैंपल लिया था। जांच रिपोर्ट में सूप में सिंथेटिक रंग सनसेट येलो एफसीएफ पाए जाने के बाद उसे मिलावटी घोषित किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें