पतलीकूहल/मनाली। विश्व विख्यात पर्यटन नगरी मनाली में पर्यटन सीजन का पहला माह मई कोरोना की भेंट चढ़ गया। जिले में अब कोरोना के केस थमने लगे हैं। लेकिन पड़ोसी राज्यों के साथ देश के कई राज्यों में लॉकडाउन होने से अभी पर्यटन गतिविधियां शुरू होने में समय लग सकता है। लेकिन कुल्लू से मनाली हाईवे के बीच बंद पड़े कुछ होटल, रेस्तरां व ढाबे फिर से खुलने शुरू होने लगे हैं।
पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों का पिछले साल की तरह मई-जून का पर्यटन सीजन फ्लॉप होने की कगार पर है। लेकिन आने वाले अच्छे दिनों के सपने के सहारे लोग आगे का तानाबाना बुनने लगे हैं। रेस्तरां संचालक प्रेम सिंह, मोहर सिंह तथा ललित कुमार ने कहा कि मई माह में कोरोना कर्फ्यू में हाईवे पर वाहनों की मूवमेंट नहीं होने से उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ा। वह दो साल से नुकसान झेल रहे हैं। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने बताया कि कोरोना के चलते होटलों में ताले लगे हुए हैं। इस साल का पर्यटन सीजन जीरो हो गया है। जुलाई-अगस्त में मैदानी इलाकों समेत समस्त देशभर में बरसात होने के चलते पर्यटक मनाली नहीं आते। अब सितंबर और अक्तूबर में उत्सवों का सीजन रहता है। उन्होंने होटल बंद रहने के दौरान सरकार से बिजली के डिमांड चार्ज को माफ करने तथा होटलों के बिजली बिल घरेलू दरों पर लेने की मांग की है। दो साल से हुए नुकसान की भरपाई करने में तीन से चार साल का समय लगेगा। हाईवे के किनारे कुछ लोगों ने होटल, रेस्तरां व ढाबा खोलना शुरू कर दिए हैं।