पतलीकूहल/कुल्लू। बारिश की बौछारों से कुल्लू में किसानों और बागवानों को राहत मिली है। कुल्लू-मनाली में बरसात की पहली बारिश से बागवानों को उम्मीदें जगी हैं। बारिश की बौछारों से लोगों को गर्मी से भी निजात मिली है।
वीरवार दोपहर बाद कुल्लू में बारिश होने से लोगों ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से गर्मी पड़ने के कारण सेब के पौधों में नमी की कमी हो गई थी। कई जगहों पर पेड़ पौधे सूखने के कगार पर पहुंच गए थे। शिरढ़ गांव के बागवान गोपाल भार्गव का कहना है कि यह बारिश सेब और अन्य पेड़ पौधों एवं फसल के लिए वरदान साबित हुई है।
खासकर नाशपाती का साइज इससे बेहतर बनेगा। अगर आने वाले दिनों में इसी तरह से मौसम अनुकूल रहा तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाशपाती का साइज बेहतर बनेगा। मानसून के बीच ब्यास के जल स्तर में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। मनाली के आलू ग्राउंड, ब्राण, पतलीकूहल, कटराईं विहाल, रायसन में ब्यास के समीप रहने वालों को अब बाढ़ का भी डर सता रहा है। रायसन के बबलू, ओम, प्रवीण ने कहा कि पिछले साल की तरह बाढ़ आई तो इलाके में भारी तबाही हो सकती है। संवाद