संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की अंतिम पंचायत दारचा के रारिक गांव में 13 साल फिर प्राथमिक स्कूल खुल गया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने शुक्रवार को इस स्कूल का शुभारंभ किया।
यह स्कूल वर्ष 2009 में विद्यार्थियों की कमी के कारण बंद हो गया था। उस दौरान इस स्कूल में मात्र एक छात्र था। सामरिक दारचा-शिंकुला-जांस्कर मार्ग पर स्थित रारिक स्कूल खुलने से रारिक व छिका गांव के बच्चों को घर के पास शिक्षा मिलेगी। इन गांवों के बच्चों को अभी पढ़ाई के लिए करीब आठ किलोमीटर दूर दारचा स्थित सुमदो स्कूल जाना पड़ता है। स्कूल दोबारा खुलने पर शुक्रवार को पहले दिन दो बच्चों ने दाखिला लिया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अनुरोध कर अब फिर से रारिक स्कूल का खोला गया है। मंत्री रामलाल मारकंडा ने जिला उद्योग केंद्र की ओर से राहत एवं पुनर्वास योजना के अंतर्गत 31 लाभार्थियों को बुनाई मशीन तथा चार लाभार्थियों को कार्पेट बुनाई मशीन वितरित की।