ब्यास नदी की बाढ़ से बस्ती को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने का काम शुरू
आठ करोड़ से अधिक राशि होगी खर्च, दर्जनों घरों और सैकड़ों लोगों की होगी सुरक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
पतलीकूहल (कुल्लू)। ब्यास नदी की बाढ़ से रायसन बस्ती को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। जल शक्ति विभाग ने इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने की तैयारी कर ली है।
फरवरी 2025 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को गर्मियों में ब्यास का जलस्तर बढ़ने के कारण बीच में रोकना पड़ा था। दीवार अधूरी रह जाने से बरसात में बाढ़ के दौरान इसका एक हिस्सा बह गया था। सुरक्षा दीवार आठ करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा रही है।
इस सुरक्षा दीवार से रायसन बस्ती के दर्जनों घरों और सैकड़ों लोगों को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी। गौर रहे कि वर्ष 2023 की बाढ़ में भी यहां कई घर खतरे की जद में आ गए थे और लोगों की जमीनें ब्यास नदी की बाढ़ में बह गई थी। स्थानीय निवासी राकेश, ओम, सुरेश, पंकज, सेसराम, प्रेम और जितेंद्र ने सुरक्षा दीवार का कार्य दोबारा शुरू होने पर सरकार और प्रशासन का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने ब्यास का रुख मोड़ने के लिए मशीन नदी में उतारी जिससे निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। वर्तमान में नदी की धारा रायसन बस्ती की ओर बह रही है जिससे खतरा बना हुआ है। उधर, इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि आठ करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से 350 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है। सुरक्षा दीवार लगने के बाद ब्यास नदी की बाढ़ का खतरा कम होगा। विभाग ने कार्य फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। ठेकेदार को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।