खराहल (कुल्लू)। जिले में सोमवार रात से हो रही बारिश से बागवानों ने सेब व नाशपाती का तुड़ान रोक दिया है। पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों के चलते कुल्लू-मंडी हाईवे भी अवरूद्ध रहा। ऐसे में बागवान किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। नाशपाती सहित टमाटर व अन्य सब्जियां भी मंडियों में कम पहुंचीं।
अधिकतर बागवानों ने सेब का तुड़ान नहीं किया। हालांकि सेब सीजन धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है। आउटर सराज में रॉयल, कुल्लू में अर्ली रॉयल के साथ गाला, जरामाइन जैसी सेब की किस्में मंडियों में पहुंच रही हैं। शुरुआती दौर में बागवानों को बेहतर दाम मिले हैं लेकिन कच्चा सेब आने से दाम लुढ़कने लगे हैं। घाटी के बागवान अमित, महेश, चमन, राम लाल, देवराज ने कहा कि मंगलवार को सुबह बारिश के कारण सेब और नाशपाती का तुड़ान नहीं हो पाया। बागवानों ने कहा कि बारिश में सेब को तुड़ान करना ठीक नहीं है। वहीं हाईवे-तीन के भी बाधित होने से सेब को बाहरी मंडियों तक पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में अगर सेब फंस गया तो खराब हो जाएगा।
फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर ने कहा कि बारिश से सेब व नाशपाती का तुड़ान बाधित हुआ है। ऐसे में बुधवार को मंडियों में सेब कम मात्रा में पहुंचेगा। बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती मोहन ठाकुर ने कहा कि मंगलवार को बंदरोल सब्जी मंडी में फलों की नीलामी सामान्य दिनों की तरह हुई। बारिश के बावजूद दामों पर असर नहीं पड़ा लेकिन बारिश से तुड़ान प्रभावित हुआ है।