लाहौल स्पीति जिला मुख्यालय स्थित केलांग में एक गाड़ी पर टिकी ताजा बर्फ। संवाद
कुल्लू। लाहौल और कुल्लू में हो रही बर्फबारी और बारिश से पेयजल योजनाओं को संजीवनी मिली है। पहाड़ों और रिहायशी इलाकों में बर्फबारी होने से अब पेयजल को लेकर लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पहाड़ों पर 60 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी परत बिछ गई है। सूखे जैसे हालात बनने के बाद पेयजल को लेकर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में 40 से अधिक पेयजल योजनाओं के साथ सिंचाई की कई योजनाएं भी सूखे के चलते प्रभावित हुई थीं। ताजा बर्फबारी और बारिश से जल शक्ति विभाग की मुश्किलें भी कम हुई हैं।
इससे जल शक्ति विभाग ने राहत की सांस ली है। खराहल घाटी की चौकीडोभी पंचायत में पिछले दिनों पेयजल संकट के चलते लोग 2,000 रुपये देकर पानी का टैंकर मंगवा रहे थे। इसके साथ ही बाराहार-लोट स्कीम में भी पानी की समस्या गहरा गई थी। लाहौल में 30 से अधिक पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही थीं।
पेयजल स्रोतों में जलस्तर आधा रह गया था। बर्फबारी और बारिश से पेयजल स्रोत फिर से रिचार्ज होंगे। ग्रामीण गोपाल सिंह ठाकुर, भुवनेश्वर और सुभाष ने कहा कि जिस तरह से सूखे जैसे हालात बने थे, उससे लोगों को डर सताने लगा था कि गर्मियों में पेयजल की किल्लत होगी। बर्फबारी और बारिश ने ग्रामीणों की चिंता को दूर किया है।संवाद
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पेयजल स्रोतों को बर्फबारी और बारिश से फायदा पहुंचा है। पेयजल आपूर्ति में अब कमी नहीं रहेगी। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध होगा।
-विनोद ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग