केलांग (लाहौल-स्पीति)। बरसात ने लाहौल-स्पीति सहित लेह-लद्दाख में पर्यटन की रफ्तार धीमी कर दी है। लगातार हो रही बारिश और विभिन्न स्थानों पर बाढ़ जैसी खबरों के कारण क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही में 70 से 80 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा असर लाहौल-स्पीति और लद्दाख के पर्यटन कारोबार पर पड़ा है।
जिले के सिस्सू, कोकसर, तांदी, उदयपुर, जिस्पा, ताबो, काजा, चंद्रताल के अलावा लेह की ओर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन दिनों पर्यटकों की संख्या में भारी कमी देखने को मिल रही है। इससे होटल, होम-स्टे, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों से जुड़े लोगों की आय पर इसका विपरीत असर पड़ा है।
लाहौल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तंजिन कारपा और महासचिव टशी बारोंगपा ने बताया कि बारिश शुरू होने के साथ लाहौल स्पीति और लद्दाख के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की खबरों का पर्यटन पर सीधा असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि बारिश से पहले इन क्षेत्रों में पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ थी लेकिन अब अचानक पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आ गई है, जिससे पर्यटन कारोबार लगभग ठंडा पड़ गया है। उन्होंने बताया कि होटलों की एडवांस बुकिंग में भी लगातार कमी आ रही है।
हालांकि मनाली-लेह और मनाली-जांस्कर सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खुली है और लाहौल क्षेत्र में भी बाढ़ जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही खबरों के कारण पर्यटक यात्रा से परहेज कर रहे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि यदि मौसम सामान्य रहता है तो आगामी दिनों में पर्यटन गतिविधियों में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। संवाद