कुल्लू/कुल्लू। जिला कुल्लू में रविवार दोपहर बाद मौसम एकाएक बदला और झमाझम बारिश हुई। जिला मुख्यालय व इसके आसपास के इलाकों में बारिश होने से पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। लेकिन मनाली और पतलीकूहल में मूसलाधार बारिश होने से लोग सहम गए। तेज बारिश से ब्यास के साथ सहायक नदी-नालों का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। सुरक्षा के चलते 20 रूटों पर गंतव्य तक नहीं बसें नहीं भेजी गई।
बारिश के कारण मनाली-लेह मार्ग पर रुक-रुक कर भूस्खलन होता रहा। हालांकि इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। जिला प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी किया है और ब्यास नदी के किनारे रहने वाले प्रवासी लोगों व पर्यटकों को संवेदनशील इलाकों की तरफ न जाने को कहा गया है। दो सप्ताह पूर्व हुई भारी बारिश के कारण अभी आधा दर्जन सड़कों पर बड़े वाहनों की आवाजाही थमी हुई है। साथ ही भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर भी बस सेवा प्रभावित चल रही है। भले ही मानसून के तेवर धीमे पड़ गए हो। निगम ने अपने चालकों-परिचालकों को मौसम की स्थिति को भांपकर कर बसों को चलाने के आदेश दिए हैं। उधर, पर्यटन नगरी मनाली सहित समूची घाटी में भी 12 बजे से लेकर शाम तक बारिश का दौर जारी रहने से जनजीवन प्रभावित हो गया। बागवानों का सेब का तुड़ान पूरी तरह से प्रभावित हुआ। बागवान जगदीश पुरोहित, मोहन लाल तथा रेवत राम ने बताया कि पहले ही सेब का तुड़ान 10 दिन देर से चल रहा है और अब बारिश के कारण सेब का तुड़ान नहीं हो पा रहा है। एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि रविवार को किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। मौसम पर प्रशासन नजर रखे हुए हैं।