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रायसन से लेकर मनाली तक नदी का सीना कर रहे छलनी

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जिला मुख्यालय की ऊझी घाटी में धड़ल्ले से ब्यास नदी में फोरलेन निर्माणाधीन कं पनियों के द्वारा अव? - फोटो : Kullu
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कुल्लू। मनाली से कुल्लू के बीच हाईवे निर्माण करने वाली कंपनियां नियमों को ताक पर रखकर ब्यास का सीना छलनी करने में जुटी हैं। ब्यास नदी में अवैध खनन का सिलसिला दिनदहाड़े जारी है। कंपनियों की ओर से ब्यास सहित इसके साथ लगते नालों में अवैध खनन के लिए बड़ी मशीनें लगाई हैं।
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जिला प्रशासन व खनन विभाग सोए हुए हैं। कंपनियों की ओर से किए जा रहे अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों ने सरकार से कार्रवाई करने की मांग की है। रायसन, पतलीकूहल से मनाली तक ब्यास में अवैध खनन का यह सिलसिला जारी है। स्थानीय लोग कई बार इन कंपनियों के खिलाफ पहले भी आवाज उठा चुके हैं। लेकिन दबाव के चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। एनजीटी के आदेशों के अनुसार नदी में किसी तरह के खनन पर प्रतिबंध हैं। ऐसे में ब्यास का सीना छलनी हो रहा है। दूसरी ओर बाढ़ से खतरे की आशंका और बढ़ गई है। खनन से मशीन ब्यास नदी के किनारों को तोड़ देती है। इससे कई क्षेत्रों को खतरा भी पैदा होता है। दो सप्ताह पूर्व भी ब्यास नदी में मंत्री के आदेशों पर गए दो टिपर चालक पानी के बीचोंबीच फंस गए थे। बाढ़ का पानी अचानक बढ़ जाने से इन्हें रेस्क्यू किया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन विभाग की ओर से नदी से बेलचा मारकर रेत निकालने वालों को पकड़कर उनसे जुर्माना लेकर महज औपचारिकता पूरी की जाती है। लेकिन जब ब्यास नदी में बड़ी-बड़ी मशीनें अवैध खनन को लगाई जा रही हैं तो इन्हें लगाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने से विभाग के अधिकारी हाथ पीछे खींच रहे हैं। दोहरे मापदंड अपनाकर विभाग कंपनियों के ठेकेदारों को संरक्षण प्रदान कर रहा है, जो कतई सहन नहीं होगा।
खनन के खिलाफ होगी कार्रवाई : अमित
एसडीएम मनाली डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि कुछ जगहों पर नदी को गहरा कर दीवार भी लगाई जा रही है, जिससे बाढ़ आने पर खतरा न हो। अगर कहीं पर पर अवैध खनन होगा तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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