कुल्लू। मई के पहले सप्ताह में पहाड़ों में बर्फबारी, निचले इलाकों में हुई बारिश ने तापमान में गिरावट लाई है। सुबह-शाम दिसंबर की तरह ठंड महसूस की जा रही है। जिले के अस्पतालों में उपचार करवाने आने वाला हर तीसरा व्यक्ति वायरल की चपेट में है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक लोग सर्दी, जुकाम, खांसी की चपेट में आ रहे हैं। सामान्य ओपीडी में सर्दी-खांसी के मरीज आ रहे हैं। लगातार बढ़ रही ठंड के चलते फिलहाल लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
जिले में बारिश-बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। करीब एक सप्ताह तक जारी बारिश-बर्फबारी से कुल्लू शीतलहर की चपेट में आ गया है। वायरल के मरीजों में भी एकाएक वृद्धि हुई है। लोगों को सर्दी-जुकाम और बुखार जकड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल के मरीजों की उपचार करवाने के लिए भीड़ लग रही है। जिले के अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाला हर तीसरा व्यक्ति वायरल की चपेट में है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की बात करें तो शिशु रोग, मेडिसिन, महिला और पुरुष जनरल ओपीडी में प्रतिदिन करीब 600 से 700 के बीच मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इनमें 250 से 300 मरीज वायरल की चपेट के मिल रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात डॉक्टर लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। जिले के अन्य प्राथमिक, सामुदायिक और नागरिक अस्पतालों में भी वायरल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर ने कहा कि सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या अधिक है। मरीजों का उपचार के साथ परामर्श और दवाइयां दी जा रही हैं।
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वायरल के ये हैं लक्षण
आमतौर पर नाक बंद और नाक बहना, छींकें, आंखों में खुजली, कभी-कभी गले में दर्द रहता है। इसके साथ ही कभी-कभी खांसी और थकावट महसूस होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल के लक्षण दिखने पर डॉक्टर के पास पहुंचकर सलाह और दवाइयां लें।
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