खराहल (कुल्लू)। जिले में अनार के पौधों में फल बनने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन तापमान में चल रहा उतार-चढ़ाव इस प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में फल बनने से पहले ही फूल पौधों से गिर रहे हैं। इसका अनार के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। बारिश के कारण बढ़ रही ठंड बागवानों की चिंता को बढ़ाने लगी है।
घाटी के बागवानों का कहना है कि बारिश के कारण पौधों के फूल झड़ रहे हैं। इससे उत्पादन पर विपरीत असर पड़ सकता है। जिले के निचले इलाकों में पिछले कुछ सालों से अनार का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसके चलते बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो रही हैं। इस बार अनार के लिए मौसम अनुकूल नहीं है।
बारिश होने के कारण नुकसान होने की आशंका है। जिले में करीब 2,000 हेक्टेयर भूमि पर अनार का उत्पादन हो रहा है। अनार की खेती में नए-नए प्रयोग हो रहे हैं। अनार उत्पादक सुनू राम, विशाल महंत, ज्ञान, दुष्यत, अर्जुन आदि का कहना है कि पारा लुढ़कने के कारण अनार के फूल की सेटिंग पर असर होने की आशंका है। इसकी वजह से फल कम बन रहे हैं। इससे उत्पादन पर भी नकारात्मक असर होगा। इस संबंध में बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजकुमार ने कहा कि बारिश रोज होने से तापमान गिर रहा है। इससे अनार की फसल को नुकसान हो रहा है। कहा कि मौसम साफ रहता है, तो स्थिति सामान्य हो सकती है। संवाद