सैंज (कुल्लू)। मनुष्य के लिए जल ही जीवन है, लेकिन रैला गांव के बाशिंदों के लिए पिछले 10 महीने से यह जीवन एक जद्दोजहद बन गया है। बीते साल आई भारी प्राकृतिक आपदा ने गांव की उठाऊ पेयजल योजना को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था, जिसे आज तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। आलम यह है कि गांव की सभी मुख्य पाइपलाइनें मलबे में दबी हैं और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी उनकी सुध लेना तो दूर, अब फोन उठाना भी नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीण गुड्डू राम, हरि सिंह, सतीश कुमार, नरेश कुमार और निधि सिंह ने विभाग के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आपदा के इतने महीनों बाद भी मरम्मत कार्य शुरू न होना प्रशासनिक संवेदनहीनता का प्रमाण है। लोगों ने जल शक्ति विभाग को दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल योजना को बहाल नहीं किया गया तो वे चुप नहीं बैठेंगे। विभाग का घेराव किया जाएगा। जलशक्ति विभगा कुल्लू के अधीक्षण अभियंता विनोद ठाकुर ने कहा कि स्कीम क्यों बंद है, इसकी रिपोर्ट विभाग के लारजी डिवीजन से मांग की जाएगी।