कुल्लू। मनाली स्थित पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक के निरीक्षण करने के बाद राफ्टिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान केवल 60 राफ्टें ही नियमों पर खरी पाई गई हैं। केवल इन्हीं राफ्टरों को राफ्टिंग के लिए झंडी मिली है। जबकि, करीब ढाई सौ राफ्टें ऐसी हैं जो नियमों को पूरा नहीं करती हैं। ऐसे राफ्टर संचालकों को नोटिस जारी कर खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक वे खामियों को दूर नहीं करते तब तक ब्यास में राफ्टिंग नहीं कर पाएंगे।
पर्यटन विभाग ने मनाली स्थित पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक के साथ मिल कर ब्यास में राफ्टिंग करवाने वालों का निरीक्षण किया। विभाग की जांच में पाया गया है जिले में कुल 60 के करीब राफ्टर ही नियमों का पालन कर पा रहे हैं। इसके चलते विभाग ने इन साठ राफ्टों को चलाने की स्वीकृति दी है। जबकि, ढाई सौ के करीब राफ्टें ऐसी हैं जो विभाग के किसी भी नियम को पूरा नहीं कर पा रही हैं। इनके संचालन पर पर्यटन विभाग ने रोक लगा दी है। इन संचालकों को राफ्टों को चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कहा गया है कि अगर फिर कोई राफ्ट चलाता पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला पर्यटन अधिकारी रत्न गौतम ने कहा कि मनाली स्थित पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक रणधीर सिंह सलूरिया के साथ राफ्टों का निरीक्षण किया गया है। इनमें से 60 राफ्टें ही नियमों को पूरा कर पाई हैं जिन्हें अब ब्यास में उतरने की अनुमति रहेगी। उन्होंने कहा कि विभाग ने मौके पर राफ्ट संचालकों के विभिन्न उपकरणों की जांच की। इनमें हेलमेट, लाइफ जैकेट और उसकी गुणवत्ता तथा गाइड का तकनीकी टेस्ट लिया गया। इसे केवल साठ के करीब राफ्टर ही पास कर पाए हैं।