कुल्लू के रामशिला में बरसात के चलते उफान पर ब्यास नदी का पानी मदिंर में घुसा।
केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में तीन दिन की बारिश के बीच प्राकृतिक आपदा से लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को करोड़ों का नुकसान हुआ है।
लोक निर्माण विभाग और जलशक्ति विभाग को करीब 11 करोड़ का नुकसान हुआ है। लाहौल में लोक निर्माण विभाग के अधीन 134 संपर्क सड़कें हैं। बारिश ने विभाग की 96 सड़कों को क्षति पहुंचाई है। सबसे अधिक नुकसान संपर्क सड़क मयाड़ वैली, तेलिंग, नर्सरी सिस्सू, तांदी-प्युकर, तिंदी-भुजुंड के साथ जसरथ, चोखंग, नैनगार, लपशक और यंगरंग को हुआ है।
जसरथ में तकरीबन 100 मीटर सड़क का नामोनिशान ही मिट गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन मनाली-लेह के साथ तांदी-संसारीनाला सड़क की भी कई हिस्सों में दुर्दशा हो गई है।
सिस्सू नर्सरी से आगे सड़क का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है। रांगवे नाला सहित कई हिस्सों में सड़क की हालत खराब है। जिले में सड़कें, पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं की हालत खराब है।
कई पेयजल स्कीमों के साथ सिंचाई योजनाएं भी प्रभावित हुई है। जलशक्ति विभाग ने लाहौल में एक करोड़ पांच लाख का नुकसान का आकलन किया है। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता हंस राज कौशल ने बताया कि सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग चिनाब मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता बीसी नेगी ने बताया कि विभाग को 10 करोड़ के आसपास का नुकसान हुआ है। संवाद