कुल्लू के ढालपुर मैदान में भगवान रघुनाथ के अस्थाई शिविर में यज्ञ के दौरान कन्या पूजन करते हुए।-सं
- फोटो : Kullu
कुल्लू। भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में पूूर्णाहुति के साथ ढालपुर मैदान की शुद्धि की गई। 11 पुरोहितों ने तीन दिन तक महायज्ञ किया। इसमें वैदिक मंत्रों का जाप किया गया। शनिवार को पूर्णाहुति डालकर ढालपुर मैदान का शुद्धिकरण किया गया।
देवलुओं और श्रद्धालुओं के लिए भंडारा भी लगाया गया। महायज्ञ में भगवान रघुनाथ और देवता धूमला नाग, वीरनाथ गौरी के देवरथ आए थे। देवी त्रिपुरा संदरी, माता दोचा-मोचा, माता हिडिंबा और बिजली महादेव और आदि ब्रह्मा के प्रतीक चिह्नों चिन्हों के रूप में उनकी घंटियां और अन्य निशान लाए गए थे। अब पूर्णाहुति के बाद भगवान रघुनाथ अपने हारियानों के साथ सुल्तानपुर स्थित अपने देवालय लौट गए हैं। अन्य देवी-देवताओं ने भी रघुनाथ से मिलन कर देवायल के लिए प्रस्थान किया। शनिवार को भगवान रघुनाथ के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया।
भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने बताया कि पिछले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में ढालपुर मैदान में काहिका उत्सव हुआ था। अब ढालपुर मैदान की शुद्धिकरण करना जरूरी होता है। बताया कि 2019 के कुल्लू दशहरा में देवकारज में कई तरह के विघ्न उत्पन्न हुए थे। उन्होंने देव आदेश पर ढालपुर मैदान की शुद्धि की गई है।
--