ुल्लू के क्षेत्रिय अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते प्रदर्शन करते एबीवीपी के कार्यकर्ता।
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कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में सात डॉक्टरों के स्थानांतरण के मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर गई है। विद्यार्थी परिषद ने वीरवार को अस्पताल के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारों से पूरा अस्पताल परिसर गूंज उठा। अस्पताल के बाहर प्रदर्शन होता देख यहां पर काफी अधिक संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। डॉक्टरों की कमी को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन को आम लोगों ने भी समर्थन किया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र ठाकुर ने कहा कि अस्पताल से जिला स्वास्थ्य अधिकारी समेत सात डॉक्टरों का स्थानांतरण हो गया है। आम लोग उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल पहुंच रहे हैं। दो तीन घंटे लाइन में लगने के बाद उन्हें मालूम होता है कि अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं है। प्रदेश सरकार यहां पर डॉक्टरों के खाली पद भरने की बजाय यहां पर सेवाएं दे रहे डॉक्टरों के तबादले करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी कुल्लू जिले से हैं। इसके बावजूद मंत्री अस्पताल में लोगों को पेश आ रही समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। पिछली सरकार ने भी जनता की अनदेखी करने की भूल की। सत्ता के नशे में चूर जयराम सरकार को आम लोगों की तकलीफों को समझकर उन्हें राहत प्रदान करनी चाहिए अन्यथा लोग इस सरकार को भी बाहर का रास्ता दिखाएंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुल्लू इकाई के अध्यक्ष राहुल बिष्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है। डॉक्टरों की कमी से कुल्लू के साथ लाहौल-स्पीति, पांगी, मंडी जिले के द्रंग और बाली चौकी के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। अगर सरकार ने जल्द यहां डॉक्टर तैनात नहीं किए तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन को और उग्र करेगी।