संगठनों ने संयुक्त रूप से किया विरोध, फैसला वापस लेने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राज्य विद्युत बोर्ड इंप्लाइज यूनियन कुल्लू, रिटायरी यूनियन यूनिट और पेंशन फॉर्म ने मिलकर प्रबंधन के फरमान का कड़ा विरोध किया है। बैठक आयोजित कर यूनियन के पदाधिकारियों ने बोर्ड प्रबंधन के उस आदेश की कड़ी निंदा की।
इसमें बिजली बोर्ड कार्यालयों के बाहर कर्मचारी संगठनों की ओर से किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। पदाधिकारियों ने इसे प्रताड़ना की भावना से की गई कार्रवाई बताया। संगठनों ने मांग की है कि इन आदेशों को तुरंत वापस लिया जाए।
जॉइंट एक्शन कमेटी के जिला पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली कुछ विशेष अधिकारियों के इशारों पर चल रही है। बोर्ड के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री से मांग की है कि बोर्ड में चल रहे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए भ्रष्ट अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
बैठक में भागमल राणा, लीला चंद, भूपेंद्र कुमार, धर्म चंद, किशन लाल शर्मा, निहाल सिंह नेगी, जगदीश वर्मा, हीरा लाल बौद्ध, रूप लाल वर्मा, सुशील कुमार, केएल हंगल, राम लाल, खेम ठाकुर और सरन उपस्थित रहे।
मांगें पूरा करने के लिए दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम
जॉइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों ने सरकार और बोर्ड से मांगों पर जल्द गौर करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन जारी आदेशों को वापस नहीं करता और जॉइंट एक्शन कमेटी को मांगों के संदर्भ में वार्ता के लिए नहीं बुलाता है तो 7 अगस्त को इन आदेशों के खिलाफ शिमला में कुल्लू जिले से हजारों कर्मचारी, अभियंता, पेंशनर और आउटसोर्स कर्मचारी प्रदर्शन करने पहुंचेंगे।