आयुर्वेद एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पार्वती जल विद्युत परियोजना-2 से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने का हरसंभव प्रयास कर रही है।
यह जानकारी उन्होंने सैंज में एनएचपीसी के सभागार में जिला प्रशासन तथा एनएचपीसी के अधिकारियों के साथ आरआर प्लान के तहत विस्थापितों को दिए जाने वाली मुआवजा राशि की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। मंत्री ने बताया कि आरआर प्लान के तहत परियोजना से प्रभावित परिवारों के 18 लोगों को एनएचपीसी में स्थायी नौकरी दी गई है। इसमें 13 लोगों ने परियोजना में ज्वाइन भी कर लिया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों से विस्थापित परिवारों को समझौते के नियमों में परिवर्तन करके उचित मुआवजा स्वीकृत किया गया है। राज्य सरकार की पहल से ही पार्वती परियोजना से प्रभावित 605 परिवारों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। उन्होंने बताया कि पहली श्रेणी में 65 परिवारों के एक सदस्य को एनएचपीसी सेवानिवृत्ति की आयु तक बिना कार्य के दिहाड़ी देगी। दूसरी श्रेणी में छह परिवारों के एक-एक सदस्य को दो हजार दिनों तक की दिहाड़ी मिलेगी। तीसरी श्रेणी में के 505 परिवारों को एक हजार दिन की दिहाड़ी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट से विस्थापित और प्रभावित परिवारों के सही मूल्यांकन करने के लिए 3 दिसंबर 2015 को उपमंडल अधिकारी बंजार की अध्यक्षता में पुन: संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण में उन प्रभावित परिवारों को शामिल किया जाएगा, जो पहले सर्वेक्षण के दौरान प्रभावित परिवार की सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विनय सिंह ठाकुर, भू अधिग्रहण अधिकारी कुमुद सिंह, एनएचपीसी के महाप्रबंधक एके सिंह, एसडीएम बंजार अश्वनी कुमार, बीडीओ एलआर ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस समिति बंजार के अध्यक्ष जय बिहारी लाल, मंडी संसदीय क्षेत्र के युवा कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, सैंज क्षेत्र की पंचायतों के प्रधान तथा प्रभावित सदस्यों ने भाग लिया।