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नाटकों ने दिखाई समाज को दिशा : तेज प्रताप

Fri, 27 Nov 2015 05:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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हिंदी नाटकों पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी शुक्रवार को जिला परिषद भवन में शुरू हो गई। कार्यक्रम में डॉ. तेज प्रताप मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले दिन तीस विद्वानों ने शोध पत्र पढ़े। डॉ. दयानंद गौतम की पुस्तक सिनेमा और सामाजिक सरोकार का भी इस मौके पर लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पर मुख्यातिथि ने अपने संबोधन में कहा कि हर युग में नाटकों ने समाज को बेहतरीन दिशा प्रदान की है।
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 नाटकों की जो पुरातन परंपरा थी, उसमें आज परिवर्तन की दरकार है। कहा कि नाटकों को आज के युग में वैज्ञानिक तरीके से दिखाना होगा। उद्घाटन समारोह के उद्घोषक डॉ. सूरत राम ठाकुर थे। इससे पहले कॉलेज प्राचार्य डॉ. नंद लाल शर्मा ने अपना स्वागत भाषण दिया। तदुपरांत संगोष्ठी संयोजक डॉ. दयानंद गौतम ने संयोजक वक्तव्य दिया। बीज वक्तव्य राजस्थान के डॉ. सुधीर सोनी ने दिया। यूके के डॉ. टेड फर्नी ने राजनीतिक एवं आर्थिक दृष्टि से नाटकीयता पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में डॉ. फर्नी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. वाईपी महंत चेयरपर्सन तो उत्तराखंड के डॉ. सुशील कुमार आमंत्रित वक्ता के रूप में मौजूद रहे।

इस दौरान महाविद्यालय धर्मपुर की डॉ. अनीता ठाकुर, ऊना कॉलेज की डॉ. उमा रानी, नालागढ़ कॉलेज की डॉ. प्रेम कुमारी शर्मा, एमसीएम डीएवी कॉलेज कांगड़ा की सीमा देवी, मंडी कॉलेज की डॉ. दीपा शर्मा, वंदना वैद्य, सीमा, दिल्ली कॉलेज की डॉ. स्नेह लता नेगी, पंजाब विश्वविद्यालय पटियाला की विरेंद्र कौर, दविंद्र कौर तथा पड्डुचेरी विश्वविद्यालय की सुचिश्मिता जेना ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। दूसरे सत्र में गाड़ागुशैणी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आईडी शर्मा चेयरपर्सन के रूप में मौजूद रहे। जबकि गुजरात के डॉ. उमाशंकर जोशी ने आमंत्रित सदस्य के रूप में अपना वक्तव्य दिया। इस सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय की डॉ. सरोज कुमारी, सोलन के प्रो. संदीप कुमार, नेरवा के डॉ. श्याम सिंह, पांडिचेरी केंद्रीय विश्विद्यालय की राहिला राज व सुप्रिया, मणिपाल विश्वविद्यालय की आशा प्रजापत, पड्डुचेरी विश्वविद्यालय के जगदीश नारायण तिवारी, सर्वेश्वर प्रताप सिंह सहित सुन्नी महाविद्यालय के मनोज कुमार, अदिति महाविद्यालय की मंजु रानी आदि ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
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