बंजार के देवता मार्कंडेय ऋषि के पेड़चा हूम में मशालें जलाते लोग।
बंजार (कुल्लू)। बंजार के पेड़चा में आराध्य देव महर्षि मार्कंडेय के सम्मान में जलती मशालों के साथ सैकड़ों वर्ष पुराना देव उत्सव हूम मनाया गया। रात करीब 11:00 बजे देवता के निर्देश पर महर्षि मार्कंडेय की भव्य शोभायात्रा सैकड़ों जलती मशालों एवं ढोल नगाड़ों की थाप के साथ देवालय मरकेहड़ से शुरू हुई।
एक घंटे की पदयात्रा के पश्चात देवता का रथ मंदिर संरडी पहुंचा, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। रातभर मंदिर में उमड़े हजारों लोगों ने सामूहिक नाटी डाली। सोमवार सुबह महर्षि के कुल पुरोहित गोविंद शर्मा ने पूजा-अर्चना की।
जिला कारदार संघ कुल्लू के महासचिव टीसी महंत ने बताया कि परंपरा के मुताबिक महर्षि मार्कंडेय युगों से देव परंपरा के अनुसार कई रोगों का निवारण करते हैं। महर्षि के कारदार रमेश शर्मा, कमली राम, बाले राम, लाल चंद चौहान, पुजारी नरोत्तम दत्त शर्मा, गूर मीने राम और ठाकुरू राम ने बताया कि ऋषि के सम्मान में उनके गांव में तीन दिन तक मेहमाननबाजी का दौर चलता रहता है। संवाद