कुल्लू। मानसून की पहली ही बारिश ने जिला मुख्यालय कुल्लू में प्रशासन और नगर परिषद के दावों की पोल खोल दी। मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव, नालियों के ओवरफ्लो और सड़कों पर फैले मलबे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
देर रात शुरू हुई बारिश सुबह 6:30 बजे तक करीब ढाई घंटे तक तेज रही। इस दौरान कई निकासी नालियां गाद और कचरे से भर गईं, जिससे पानी सड़कों और गलियों में बहने लगा।
कई स्थानों पर जलभराव होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पैदल रास्तों पर भी मलबा जमा होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं लेकिन पहली बारिश में ही व्यवस्था जवाब दे जाती है। स्थानीय निवासी दिले राम और रमेश कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर निकासी व्यवस्था स्थायी रूप से दुरुस्त नहीं होने के कारण हर बरसात में यही स्थिति बनती है।
बारिश के बीच शहर में जगह-जगह नालियों पर लगी जालियों में प्लास्टिक और अन्य कचरा फंस गया, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई। इससे साफ है कि नालियों की नियमित सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में अभी भी सुधार की जरूरत है।
बीएसएनएल काॅलोनी बनी तालाब, लगवैली चौक में भी बढ़ी परेशानी
बारिश के चलते निकासी नाली जाम होने से बीएसएनएल काॅलोनी के बाहर तालाब की स्थिति बन गई। मलबा काॅलोनी में घुसने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही लगवैली चौक के पास भी निकास नालियों के जाम होने से पानी सड़क पर बहता रहा।
जलभराव की सूचना मिलते ही कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेजकर निकासी बहाल करवाई गई। भविष्य में ऐसे संवेदनशील स्थलों की पहचान कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाएगा। ललित कुमार, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कुल्लू