ब्यास किनारे पर्यटक जान जोखिम में डालकर उतर रहे हैं। रामशिला के समीप ब्यास नदी किनारे लगा पर्
कुल्लू। मैदानी इलाकों से पहाड़ों की ठंडक का मजा लेने आए पर्यटक बेखौफ होकर ब्यास, पार्वती और तीर्थन नदी में उतर रहे हैं। झीड़ी से लेकर मनाली तक जगह-जगह पर्यटक नदी किनारे देखे जा सकते हैं। पर्यटक ठंडे पानी में उतरकर अठखेलियां कर रहे हैं।
ठंडे पानी के बीच थोड़ी सी मस्ती जान पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार हिदायत के बावजूद पर्यटक नदी किनारे जाने से नहीं मान रहे हैं। हादसों के बावजूद पर्यटकों का नदी किनारों पर जाकर मस्ती करना जारी है। मई महीने में कसोल में दो पर्यटक पार्वती नदी में बह भी गए थे। वहीं तापमान बढ़ने के चलते ग्लेशियर पिघलने से एनएचपीसी के पुलगा डैम में लगातार जल प्रवाह बढ़ रहा है। पार्वती-2 जलविद्युत परियोजना के पुलगा डैम के सिल्ट फ्लशिंग गेट अथवा रेडियल गेट्स किसी भी समय क्रियाशील किए जा सकते हैं। पर्यटकों, श्रमिकों व आम लोगों से अपील की गई है कि वे पार्वती नदी के किनारों से दूरी बनाए रखें। होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे, कैंप आदि के मालिक एवं प्रबंधन, टैक्सी चालकों से भी अनुरोध है कि वे पर्यटकों को पार्वती नदी के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए सलाह दें और सावधान करें।
गौर रहे कि मई महीने में पार्वती परियोजना के पुलगा डैम से पानी छोड़ने के बाद कसोल में दो पर्यटक बह गए थे। जिनमें एक अभी भी लापता है। इसी तरह से ब्यास और तीर्थन नदी में पानी बढ़ने के चलते खतरा बना हुआ है।
पुलिस भी लगातार कुल्लू-मनाली में आने वाले पर्यटकों से अपील करती है कि नदी किनारों से दूर रहें और अपनी जान जोखिम में न डालें।
-संजीव चौहान एएसपी, कुल्लू
दिन के समय महसूस की जा रही गर्मी
दिन के समय कुल्लू में काफी गर्मी महसूस की जा रही है जबकि सुबह व शाम के समय गर्मी का असर कम रहता है। कड़कती धूप के बीच ठंडक पाने के लिए पर्यटक अक्सर नदी-नालों में उतर जाते हैं। कई बार हादसों का शिकार भी हो जाते हैं।