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पल भर में राख हो जाती है लाखों की संपत्ति

Sun, 01 Nov 2015 09:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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बंजार में कई घर आग की भेंट चढ़ चुके हैं। इसके बावजूद यहां के ग्रामीण अपने घरों में घास और लकड़ी का स्टाक रखने से गुरेज नहीं करते हैं। इसे ग्रामीणों में जागरूकता का अभाव कहें या फिर उनकी मजबूरी। एक चिंगारी पल भर में लाखों की संपत्ति को राख के ढेर में बदल देती है।
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हालांकि सरकार, दमकल विभाग अन्य आपदा प्रबंधन संस्थाएं लोगों को घरों में घास और लकड़ी का स्टाक न रखने की सलाह देते हैं। लेकिन इसके बावजूद लोग घास और लकड़ी को इकट्ठा कर रखते हैं, जिससे घास आग में घी का काम करती है। गत वर्ष लंबे अरसे के बाद लारजी में बंजारवासियों के लिए अग्निशमन केंद्र भी खोला गया है। लेकिन, इसके बावजूद लोगों को दमकल विभाग की ओर से जागरूक नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल में हर वर्ष सबसे ज्यादा आग की घटनाएं होती हैं।  कई काष्ठकुणी शैली की इमारतें राख के ढेर में तबदील हो चुकी हैं। फिर भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। बंजार घाटी का कोई भी ऐसा गांव नहीं है, जो आग से बचा हो। फिर भी घरों में सूखा घास और लकड़ी सर्दियों के मौसम के लिए इकट्ठा की जाती हैं। सर्दी का मौसम शुरू होते ही लोगों ने घरों के चारों तरफ घास को जमा कर रखा है, जो हर समय हादसे को न्योता दे रहा है। बंजार घाटी में मोहणी, बंजार बाजार, सिंध्वा और कई गांव और मंदिर आग से राख हो चुके हैं। इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। उधर, दमकल विभाग लारजी के प्रभारी भीम सिंह नेगी का कहना है कि कुछ स्कूलों में तो मॉकड्रिल के जरिये बचाव की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए स्टाफ की कमी आड़े आ रहे हैं।
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