स्पीति घाटी के वाशिंदों को ग्रांफू-काजा सड़क पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। पहले यह सड़क लोनिवि के अधीन रही थी। सड़क की दशा नहीं सुधरने से दोबारा इस सड़क को बीआरओ के अधीन कर दिया गया है।
क्षेत्रवासियों के मुताबिक ग्रांफू से कुंजुम दर्रा तक सफर करना जोखिम भरा है। वनवे ट्रैफिक की इस सड़क पर कब वाहन पलट जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता है। खाद्य सामग्री से लदे वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बीच कहीं भी पक्की सड़क का नामोनिशान नहीं है। जगह-जगह गड्ढे और सड़कों में बिखरी कंकरीट पर वाहन चलाना मुश्किल हो गए हैं। स्पीति घाटी के लोग ग्रांफू-काजा सड़क की बदहाली से परेशान हैं। इस सड़क पर पानी की तरह पैसा बहाया जा चका है लेकिन सड़क की दशा सुधारने के लिए किसी भी सरकार और बीआरओ के अधिकारियों ने जहमत नहीं उठाई। इन दिनों रोहतांग-कुंजुम के रास्ते काजा-कुल्लू के बीच बस सेवा बंद हो गई है। ऐसे में निजी वाहन चालक ही स्पीति घाटी के बाशिंदों को इस सड़क से सुविधाएं दे रहे हैं। टैक्सी चालक पदमा, नमज्ञाल और सोनम का कहना है कि कुंजुम से ग्रांफू तक सड़क की हालत बेहद खराब है।
उन्होंने बताया कि ऊबड-खाबड़ और नालों से होकर गुजरने वाले इस मार्ग पर वाहनों के कलपुर्जे टूट जाना आम बात हो गई है। सड़क की इस दशा से उन्हें भी नुकसान उठा पड़ रहा है। पलजोर बौद्ध, तकपा, राजेंद्र और लाहौल-स्पीति कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनिल सहगल ने कहा कि बीआरओ इस मार्ग की दशा सुधारे अन्यथा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 94 आरसीसी के कमांडिंग ऑफिसर आरके तिवारी ने बताया कि बर्फबारी और पानी से सड़कें खराब हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इस मार्ग की दशा को सुधारने के लिए आगामी सीजन में उचित कदम उठाया जाएगा।