कुल्लू जिला के मणिकर्ण में ब्रेउनी गांव में एक घर के पास हुआ भूस्खलन। जिस वजह के घर में रहने व
गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन घाटी में बरसात ने कई स्थानों पर कहर बरपाया है। आपदा के दो सप्ताह बाद भी बंजार क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। वीरवार को एसडीएम बंजार हेम चंद वर्मा ने लोगों को हुए नुकसान तथा घाटी में चल रहे राहत, बहाली और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने गुशैणी से शरची सड़क को हुए नुकसान का निरीक्षण किया। इसके अलावा बंदल गांव और पंचायत पेखड़ी में रूपाजाणी गांव के पास पहाड़ी से खिसक रहीं चट्टानों को भी देखा। इससे स्थानीय लोगों के मकानों और उनकी जान को खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हैं। परस राम, कुशाल चंद, भोलू राम, चेत राम, रूप लाल और केवल राम ने कहा कि उनके मकान खतरे की जद में आ गए हैं।
लोग अपने घरों को छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागीय अधिकारियों और भूवैज्ञानिकों की टीम से निरीक्षण करवाया जाए। अगर यह जगह रहने के लिए असुरक्षित है तो उन्हें दूसरी जगह के लिए बसाया जाए।
एसडीएम हेम चंद वर्मा ने बताया कि बारिश और बाढ़ से बंजार क्षेत्र में भी कई भवनों, सड़कों, पुलों और रास्तों को क्षति पहुंची है। जिन लोगों के मकान असुरक्षित हो चुके हैं या पूरी तरह से ढह चुके हैं उनको पुनर्वास के लिए राहत मैनुअल के मुताबिक सहायता दी जा रही है।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। कहा कि सड़क, बिजली और पानी को बहाल करने का काम जारी है। संवाद