भारी बारिश से मणिकर्ण के रास्कट नाले का बढ़ा जलस्तर। लोग जान बचाने के लिए भागे।
कुल्लू। मणिकर्ण पंचायत में लोग पिछले दिनों ब्रह्मगंगा नाले में बादल फटने की घटना को अभी तक नहीं भूल पाए है। ऐसे में सोमवार शाम करीब चार बजे के बाद मौसम ने करवट बदली। कई जगहों पर भारी बारिश हुई। साथ ही मणिकर्ण पंचायत के तहत आने वाले रास्कट नाले में भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई। यह नाला भी ब्रह्मगंगा नाले से करीब चार किमी दूर है।
पहाड़ों में हुई बारिश के बाद रास्कट नाला उफान पर आ गया। नाले में आई बाढ़ को देखते हुए लोग सहम उठे। स्थानीय लोगों में एक बार फिर अफरातफरी मच गई। लोग जाने बचाने के लिए भागने लगे। कई लोगों को लगा कि कहीं ब्रह्मगंगा नाले की तरह फिर से बादल न फट जाए। हालांकि बारिश का क्रम थम जाने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। यह नाला बरशैणी और मणिकर्ण पंचायत की सीमा पर है। लोगों को अब डर सताने लगा है कि कहीं रात के अंधेरे में इस नाले में भी तबाही का सैलाब न आ जाए। लगातार नालों में आ रही बाढ़ के बाद मणिकर्ण पंचायत के बाशिंदे सहम उठे हैं। जिले के दूसरे क्षेत्रों में भी सोमवार देर शाम बारिश हुई। बारिश के चलते जहां बागवानों का तुड़ान प्रभावित हुआ, वहीं ब्यास व पार्वती सहित अन्य सहायक नालों में भी जलस्तर उफान पर हैं। उधर, इस संबंध में एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।