झीड़ी में फ्लाईओवर के विरोध में उतरे लोग
गोल चौक बनाने का दिया सुझाव, बोले- खत्म हो जाएंगे आजीविका के साधन
कहा- पहले ही झेल रहे विस्थापन का दंश, डेढ़ किमी लंबा फ्लाईओवर है प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू और मंडी की सीमा पर स्थित झीड़ी में प्रस्तावित फ्लाईओवर का विरोध शुरू हो गया है। झीड़ी और आसपास के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
फ्लाईओवर हटाओ समिति के अध्यक्ष सीएसएस चौहान और क्षेत्र के लोगों ने जिला मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले से क्षेत्र के लोग विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। अब एक और फ्लाईओवर बनाने की योजना बनाई जा रही है। लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर की जगह गोल चौक बनाया जाए। इससे यातायात भी सुचारू चलेगा और लोग भी प्रभावित नहीं होंगे। ऐसे में गोल चौक जैसे विकल्प पर विचार करना चाहिए। इससे सड़क पर यातायात सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी और जनता को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। इस दौरान समिति के सचिव धर्मवीर पठानिया, अनुज शर्मा और ब्रजेश महंत भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि झीडी में डेढ़ किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसके निर्माण को लेकर न तो पंचायत और हितधारकों को विश्वास में लिया गया है और न ही उनसे इस बारे में जानकारी साझा की गई है। उन्होंने बताया कि अगर फ्लाईओवर बनता है तो जनता को मात्र पचास मीटर दूर अपनी जमीन, विभिन्न संस्थानों, कार्यालयों, बस ठहराव, जल स्रोतों नदी, वन और श्मशानघाट तक जाने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ेगा। इससे जनता का काम और आजीविका के साधन समाप्त हो जाएंगे। इसका प्रभाव झीड़ी में करीब पांच सौ रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों से जुड़े दो हजार लोगों पर पड़ेगा। पंचायत झीड़ी में होटल, रेस्टोरेंट ढाबे और अन्य दुकानें पर्यटन गतिविधियों पर निर्भर हैं जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। फ्लाईओवर बनने से इस प्रकार की पर्यटन गतिविधियां खत्म हो जाएंगी। पंचायत दो हिस्सों में बंट जाएगी और स्कूल आंगनबाड़ी केंद्रों में जाने वाले बच्चों को भी परेशानी होगी। इससे भूमि धंसने की भी संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
झीड़ी के दक्षिण और पश्चिम में लगती पहाड़ी के साथ टिक्कर, बालू पल्सेहड़ गांव लगते हैं। 2025 की बरसात में यहां बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। करीब 70 घर ढह गए थे, सैकड़ों बीघा भूमि बह गई थी।