मनाली। हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संघ का महाधिवेशन वीरवार शाम को मनाली में प्रदेशाध्यक्ष एलआर गुलशन की अध्यक्षता में हुआ। इसमें पेंशनरों की लंबित वित्तीय देनदारियों का मामला प्रमुखता से उठाया। गुलशन ने कहा कि करीब चार वर्षों से पेंशनरों की वित्तीय देनदारियां लंबित हैं।
इससे बुजुर्ग और बीमार पेंशनरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि सरकार पेंशनरों के एरियर भुगतान के मामले में दोहरी नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों को संशोधित वेतनमान का बकाया एरियर भुगतान करने की घोषणा की थी, जबकि वित्त विभाग की हालिया अधिसूचना में केवल प्री-2016 के पेंशनरों को ही इसका लाभ देने की बात कही गई है। उन्होंने एरियर का एकमुश्त भुगतान करने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ और कुछ पेंशनर संगठनों के नेताओं पर भी पेंशनरों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों में नरेंद्र कुमार, खुशहाल चंद नेगी, एसपी सागर, सुरेश कुमार शर्मा, नील चंद, लीला डोगरा, चिंतपूर्णा शर्मा, मनोरमा डोगरा आदि उपस्थित रहीं।
बनाया जॉइंट पेंशनर फेडरेशन
पेंशनरों के संघर्ष को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जॉइंट पेंशनर फेडरेशन के गठन की घोषणा की गई। फेडरेशन में एलआर गुलशन को प्रदेशाध्यक्ष, नरेंद्र कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, खुशहाल चंद नेगी को महासचिव, एसपी सागर और नील चंद को उपाध्यक्ष, बोधराज को संयुक्त सचिव चुना गया। लीला डोगरा को महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष, चिंतपूर्णा शर्मा को उपाध्यक्ष तथा मनोरमा डोगरा को संगठन सचिव नियुक्त किया गया।