कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को लंबे समय के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ मिला है। इसके चलते अस्पताल की ओपीडी में ताले खुलने की उम्मीद जगी है। पिछले करीब छह माह से अस्पताल में एक भी शिशु रोग विशेषज्ञ न होने से लोगों को बच्चों का उपचार करवाने के लिए भटकना पड़ रहा था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
अमर उजाला ने 22 जुलाई के अंक में पेज नंबर पांच पर ‘छह माह से शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं’ शीर्षक से मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने हरकत में आते हुए अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती के निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि अभी विशेषज्ञ डॉक्टर ने अस्पताल में ज्वाइनिंग नहीं दी है। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में कुल्लू के अलावा लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिले के पांगी समेत साथ लगते अन्य क्षेत्र के लोग बच्चों के उपचार के लिए आते हैं। लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न मिलने से उन्हें बेहतर उपचार नहीं मिल पाता। बीमार बच्चों को मंडी और आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर कर दिया जाता था। इसके चलते बच्चों के साथ तीमारदारों को भी परेशान होना पड़ता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि शिशु रोग विशेषज्ञ की सेवाएं शुरू होने से अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उधर, इस संबंध में विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञों के दो पद भरे जाने हैं। सरकार अस्पताल में जल्द दूसरे विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती भी करे। इसके चलते चार जिलों के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी दूर होगी।