आयुष अस्पतालों में नहीं मिल रही किसी तरह की सुविधा
आयुष छोड़ एलोपैथिक इलाज करवाने को मरीज मजबूर
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले के आयुष अस्पतालों में आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत उपचार नहीं हो रहा है। दोनों योजनाओं को शुरू हुए छह साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन जिला आयुष अस्पताल कुल्लू और कटराईं में योजनाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पाया है।
इस कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को आयुष को छोड़कर एलोपैथिक पद्धति से उपचार करवाना पड़ रहा है। जिले में आयुष्मान और हिमकेयर योजना के लिए सरकारी और निजी 24 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें नौ अस्पताल सरकारी हैं। इनमें भी दो अस्पताल आयुष विभाग के हैं। आयुष विभाग के दोनों अस्पतालों में मरीजों को आयुष्मान और हिमकेयर की सुविधा नहीं मिल रही है।
जिला आयुष अस्पताल में योजनाओं के शुरुआती दौर में मरीजों को लाभ मिला था, लेकिन कटराईं अस्पताल में योजनाएं शुरू ही नहीं हो पाई हैं। इस कारण आयुष पद्धति से उपचार करवाने वाले मरीज निराश हैं। आयुष विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों अस्पतालों में डाटा एंट्री ऑपरेटर नहीं हैं। इस वजह से अस्पतालों में आयुष्मान और हिमकेयर योजनाएं शुरू करने में परेशानी आ रही है। उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. सोनिया दुग्गल ने कहा कि आयुष्मान और हिमकेयर सुविधा शुरू करने के लिए निदेशालय से डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया गया है। अनुमति मिलते ही जिला आयुष अस्पताल और कटराईं अस्पताल में योजनाओं के तहत मरीजों का उपचार किया जाएगा।
उपायुक्त ने दिए थे आरकेएस से भर्ती के निर्देश
जिला आयुष अस्पताल और कटराईं अस्पताल में मरीजों को आयुष्मान और हिमकेयर योजना का लाभ मिले, इसके लिए साल 2021 में तत्कालीन उपायुक्त ने आयुष विभाग को रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत आउटसोर्स पर डाटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्त करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके विभाग मरीजों को सुविधा देने की दिशा में कार्य नहीं कर पाया है। विभागीय लेटलतीफी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।