जाको राखे साइयां मार सके ना कोई-इस गीत की पंक्तियां उस समय सार्थक हुईं, जब मलबे में दबी एक कार के दो घायलों के लिए अजनबी राहगीर साईं बनकर सामने आ गए।
बरसात के दौरान दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र आनी की सड़कों पर सफर करना खतरनाक हो गया है। आनी क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर दो कारें पहाड़ से गिरे मलबे और चट्टानों की चपेट में आ गईं। एक हादसे में कार सवार दो लोग घायल हो गए, जबकि दूसरी घटना में सड़क किनारे खड़ी टैक्सी कार पर भारी चट्टान गिर गई।
पहला हादसा निर्माणाधीन सब्जी मंडी तेशन के पास सुबह दस बजे के करीब किरण बाजार और बराड़ के बीच हुआ। मारुति अल्टो कार नंबर HP-35-7897 एनएच-305 से गुजर रही थी। इसी दौरान पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हुआ और भारी मलबा कार के ऊपर जा गिरा। मलबे की चपेट में आने से कार दब गई। हादसे में चालक पदम सिंह(53) निवासी गांव दोघरी, डाकघर निगान, तहसील आनी, जिला कुल्लू और अब्दुल रहमान (32) निवासी दोगरी मोड़, डाकघर निगान, तहसील आनी, जिला कुल्लू गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को नागरिक अस्पताल आनी पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को बेहतर उपचार के लिए रामपुर रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलने पर एसडीएम आनी लक्ष्मण सिंह कनेट, तहसीलदार रत्नेश्वर शर्मा तथा पूर्व बीडीओ सदस्य सुषमा सिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों का कुशलक्षेम जाना। प्रशासन की ओर से दोनों घायलों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई।
दूसरी घटना आनी के नए बस अड्डे के पास हुई। यहां पहाड़ी से एक भारी-भरकम चट्टान सड़क किनारे खड़ी टैक्सी नंबर की कार से जा टकराई। चट्टान गिरने से कार को काफी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि घटना के समय कार में कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। एसडीएम आनी लक्ष्मण सिंह कनेट ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अनावश्यक सफर करने से बचें और बेहद जरूरी होने पर ही सावधानीपूर्वक यात्रा करें।
लोगों ने तत्परता से बचे मलबे दबी कार सवार दोनों व्यक्ति
आनी (कुल्लू)। पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक वाहन उसकी चपेट में आ गया। वाहन में सवार दो लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तत्परता से बचा लिया। समय रहते बचाव कार्य से उनकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों घायलों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके कुछ ही देर बाद वाहन पर दोबारा पत्थर आ गिरे। समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिए जाने से उनकी जान बच सकी। स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस के चलते बड़ा हादसा टल गया।
टैक्सी चालक सुनील कुमार, रवि, राकेश आजाद, अनिल और रॉकी सुबह बराड़ की ओर जा रहे थे। उन्हें पता चला कि पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में एक वाहन आ गया है। वाहन में दो लोग सवार थे। जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ बचाव कार्य शुरू किया। एक एचआरटीसी चालक और किरण बाजार के एक युवक सहित कई लोगों ने घायलों को वाहन से बाहर निकाला। उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल आनी पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।
आनी में पहाड़ से गिरे मलबे के नीचे दब कर क्षतिग्रस्त हुई कार। संवाद