कुल्लू। जिले में आपदा के बाद पर्यटन पटरी पर नहीं लौट पाया है लेकिन कुछेक सैलानी यहां की शांत वादियों में समय बिता रहे हैं।
साथ ही साहसिक गतिविधियों का भी आनंद उठा रहे हैं। ऊझी घाटी की डोभी साइट में सैलानी पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठा रहे हैं। कुल्लू की शांत वादियां पैराग्लाइडिंग के लिहाज से काफी सुरक्षित मानी जाती हैं। विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटकों में पैराग्लाइडिंग को लेकर काफी उत्साह है।
कुल्लू की पीज साइट से इन दिनों पैराग्लाइडिंग बंद है। साइट का लैंडिंग प्वाइंट ढालपुर मैदान है। इन दिनों ढालपुर मैदान में दुकानें सजी हुई हैं। दिवाली के बाद दुकानें हटने से पैराग्लाइडिंग हो सकेगी। जिले में मढ़ी, मझाच, सोलंगनाला, कोठी, डोभी, नांगाबाग, गड़सा, पीज में पैराग्लाइडिंग हो रही है।
पर्यटन विभाग की ओर से पैराग्लाइडिंग के लिए 3,500 रुपये शुल्क रखा गया है। पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियों से जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर से करीब 8,000 से 10,000 लोग जुड़े हुए हैं।
आपदा के बाद जिस तरह का नुकसान मनाली के होटल कारोबारियों को झेलना पड़ा है, उसी तरह साहसिक गतिविधियों पर भी असर हुआ है। पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियों के शौकीन कुल्लू की वादियों में पहुंचने लगे हैं। दिवाली तक साहसिक गतिविधियों का कारोबार भी गति पकड़ेगा। संवाद
दिवाली सीजन के दौरान कुल्लू में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। पैराग्लाइडिंग के लिए भी सैलानी जिले की वादियों में पहुंच रहे हैं।
-सुनैना शर्मा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी