अपनी मागों को लेकर सीपीएम के कार्यकर्ता ज्ञापन सौपतें हुए।
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में सीटू के बैनर तले आउटसोर्स कर्मचारी, मल्टी टास्क वर्कर और कामगार सड़कों पर उतरे। कर्मचारियों और कामगारों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कर्मचारियों और कामगारों ने स्थायी नीति बनाने और न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये करने की मांग उठाई है। सीटू जिला कमेटी के महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि आउटसोर्स प्रथा से युवाओं का शोषण हो रहा है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी, निजी विभागों, बोर्डों, निगमों, संस्थाओं और अन्य संस्थानों में हजारों युवा ठेका, आउटसोर्स, मल्टी टास्क और फिक्स टर्म कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों से लगातार सौतेला व्यवहार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्हें नियमित कर्मचारियों के मुकाबले बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। बड़े पैमाने पर शोषण किया जा रहा है। ऐसे में सीटू ठेका, आउटसोर्स, मल्टी टास्क और फिक्स टर्म कामगारों के लिए श्रेणी अनुसार न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग कर रही है।
साथ ही इन कर्मचारियों को नियमित करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। उपायुक्त के माध्यम से कर्मचारियों और कामगारों की मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा गया है। इसमें स्थायी नीति, न्यूनतम वेतन लागू करने, सुप्रीम कोर्ट के 26 अक्तूबर 2016 के फैसले के अनुसार समान काम का समान वेतन जारी करने करने की मांग की गई है। इसके अलावा छुट्टियों, पेंशन, ग्रेच्युटी, ईपीएफ, ईएसआई, मेडिकल सुविधा, बोनस, ओवरटाइम वेतन, श्रम कानून और आठ घंटे की ड्यूटी आदि सभी प्रकार की सुविधाएं लागू की जाएं। इस दौरान अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम आदि उपस्थित रहे। संवाद
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