चार जिलों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दो सप्ताह से सामान्य ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इसके कारण मरीजों को महंगे दामों पर निजी अस्पतालों में ऑपरेशन करवाने पड़ रहे हैं। इसके कारण गरीब तबके के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अभी एक सप्ताह तक ऑपरेशन थियेटर का मरम्मत कार्य चलना है। अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर में मरम्मत कार्य के चलते जिला कुल्लू के अलावा सीमांत लगते अन्य तीन जिलों के मरीजों के ऑपरेशनों को स्थगित कर दिया गया है। अब तक करीब दो सौ मरीजों के ऑपरेशन स्थगित किए गए हैं। अभी स्थिति सामान्य होने पर करीब एक सप्ताह का और इंतजार करना होगा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कुल्लू अस्पताल में रोजाना करीब 10 से 12 मरीजों के ऑपरेशन होते आए हैं।
ऑपरेशन थियेटर की मरम्मत के चलते फिलहाल इमरजेंसी मरीजों के ऑपरेशन हो रहे हैं। जिसके लिए ओटी का सामान ट्रामा में शिफ्ट किया गया है। वहीं अन्य मरीजों को अभी एक सप्ताह तक और रुकना होगा। कुल्लू अस्पताल में कुल्लू के साथ लाहौल-स्पीति, सीमांत लगते मंडी जिला के कई क्षेत्रों के साथ पांगी-किलाड़ के मरीज अपना उपचार के लिए कुल्लू का रुख करते हैं और इन इलाकों के लोगों के ऑपरेशन भी यहीं होते हैं। लाहौल-स्पीति जिला के केलांग स्थित क्षेत्रीय अस्पताल से भी मरीजों को कुल्लू रेफर किया जाता है। इधर, कुल्लू अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. युद्धवीर शर्मा के अनुसार अस्पताल ऑपरेशन थियेटर (ओटी) का मरम्मत का काम चल रहा है। बीते दो सप्ताह से अस्पताल में जनरल ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। दिसंबर के पहले सप्ताह के बाद ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे। लंबे समय से ऑपरेशन नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। वहीं अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों ने अस्पताल प्रशासन के प्रति रोष है। श्याम लाल, गुमंत राम, हीरा मणी, रामकली, केवल राम, दिले राम, अमर सिंह, कांता देवी तथा सुरेंद्र का कहना है कि उन्हें एक माह पूर्व से ऑपरेशन की तारीख मिली है, लेकिन अभी तक ऑपरेशन नहीं हुए हैं।