राजा घेपन के वजीर देवता के स्वर्ग से लौटने पर पुजारी ने चढ़ाया घी और सत्तू
महिलाओं-पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में की देवी-देवताओं की पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। लाहौल में रोपसंग पूणा के तीसरे दिन शुक्रवार को न्यूपुर उत्सव मनाया गया। देवी बोटी के प्रांगण में महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में आटे से बने आईबैक्स को बर्फ की चादर पर सजाकर देवी-देवताओं की पूजा की।
देवी बोटी के स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद लाहौल के अधिष्ठाता राजा घेपन के वजीर देवता तिंगला गूर के शाशिन स्थित देवालय के कपाट खोल दिए गए हैं।
शुक्रवार को तिंगला गूर के स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद पुजारी और घेपन के कारकूनों ने घी और सत्तू का चढ़ावा चढ़ाया। स्वर्ग प्रवास के बाद देवगणों के देवालय लौटने घाटी के लोगों में हर्ष का माहौल है। पुजारी जगदीश ने बताया कि देवता राजा घेपन, देवी बोटी, देवता शलवर और मिलांग तेते आदि के स्वर्ग प्रवास के बाद फाल्गुन महीने में देवालय लौटने पर ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर शीश नवाया।
बताया कि 20 फरवरी को केवाह स्थित राजा घेपन की मां जंगड्रुल तथा यंग्लिंग स्तिथ घेपन थान में घी और सत्तू का चढ़ावा चढ़ेगा। इसके बाद सिस्सू के जगदंग पूणा का भी आगाज होगा। इस दौरान राजा घेपन अपने गुर के माध्यम से साल भर की भविष्यवाणी करेंगे।