उपायुक्त तोरुल ने बैठक में की राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा
रिकॉर्ड के कंप्यूटरीकरण कार्य को अमलीजामा पहनाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में दो साल से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। यह बात उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कही। उन्होंने शुक्रवार को राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार, सभी उपमंडलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। बैठक में किसान सम्मान निधि, निशानदेही से संबंधित, न्यायालय में चल रहे राजस्व मामलों, राजस्व प्रविष्टियों की अपील सुधार, निशानदेही, इंतकाल, आपराधिक मामलों से संबंधित अपील, अवैध कब्जों,, बैंक ऋण वसूलियां, हुकमी और खानगी तकसीम, हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम की धारा 163 के अंतर्गत अवैध कब्जा मामलों, बेदखली वारंट, राजस्व प्रविष्टियों की शुद्धि के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित उपमंडलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरकारी विभागों के पास कब्जे में खाली पड़ी भूमि भी चिह्नित करने को कहा। उपायुक्त ने प्राथमिकता के आधार पर लंबित जमा बंदियों को तस्दीक करवाने के बाद भू-अभिलेख कक्ष में दाखिल करने, इंतकाल कंप्यूटर में दर्ज करने के भी निर्देश दिए। जिले में कानूनगो और पटवार भवनों के मरम्मत और निर्माण के कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करने को कहा। निशान देही के मामलों का सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार तीन महीने के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित करें। उन्होंने कृषि जनगणना, राजस्व रिकॉर्ड के कंप्यूटरीकरण के अंतर्गत जमाबंदियों, पुराने तथा नए इंतकालों को ऑनलाइन करने के कार्यों को तेजी से अमली जामा पहनाने के निर्देश भी दिए।