रोगी कल्याण समिति के तहत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत नर्सें मांगें पूरी न होने के चलते काले बिल्ले लगाकर सेवाएं दे रही हैं। रोगी कल्याण समिति की प्रदेशाध्यक्ष मधुमिता विष्ट ने कहा कि 17 सितंबर से नर्सिस स्टाफ काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट कर रही हैं। रोगी कल्याण समिति के तहत नियुक्त डॉक्टर को तो सरकार ने पांच वर्ष में नियमित कर दिया है। उन्हें 4-9-14 का लाभ भी दिया जा रहा है, लेकिन स्टाफ नर्सें जो करीब 7-8 सालों से सेवाएं दे रही हैं, सरकार उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
जबकि, नर्सें भी डॉक्टरों की भांति अपनी सेवाएं दे रही हैं। रोगी कल्याण समिति एवं अनुबंध नर्सिंग एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष बीना ठाकुर ने मांग की है कि स्टाफ नर्सों को नियमित करते समय आरकेएस के तीन साल भी जोड़े जाएं। नियमित होने के दो साल के अंदर 3200 से 4600 रुपये ग्रेड पे दिया जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए तथा पदोन्नति के लिए एक नई पॉलिसी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं फरमाया तो दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की जाएगी। इसमें दो घंटे स्टाफ नर्सें अपनी सेवाएं बंद रखेंगी। इस दौरान शीतल भल्ला, उमा भारती, शीतल आदि मौजूद रहीं।