श्रवण जांच के लिए नहीं लगेगी मेडिकल कॉलेजों की दौड़
चार महीने बाद दोबारा मिलेगी सुविधा, मरीजों को राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू समेत लाहौल-स्पीति, चंबा के पांगी और मंडी के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को श्रवण टेस्ट के लिए मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चार माह बाद दोबारा मरीजों के बेरा (ब्रेन स्टेम इवोक्ड रिस्पॉन्स ऑडियोमेट्री) टेस्ट किए जाएंगे। अस्पताल में स्थापित जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) में अब दोबारा मरीजों को बेरा टेस्ट की सुविधा मिलेगी।
गौरतलब है कि चार माह पहले डीईआईसी के ऑडियोलॉजिस्ट के स्थानांतरण के कारण पिछले चार माह से यह सेवा बंद थी। इससे मरीजों को कानों की जांच करवाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा मरीजों के श्रवण संबंधी बीमारी होने के बावजूद भी दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे थे लेकिन अब बेरा टेस्ट की सुविधा शुरू होने से मरीजों को जिले के बाहर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। डीईआईसी एवं डीडीआरसी के संयुक्त प्रयासों से यह सुविधा पुनः अस्पताल में उपलब्ध हो गई है।
उधर, इस संबंध में डीईआईसी की प्रभारी डॉ. रेखा ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि डीईआईसी ऑडियोलॉजिस्ट नेहा बेरा जांच करेगी।
क्षेत्रीय अस्पताल के डीईआईसी में बेरा टेस्ट की सुविधा केवल बच्चों ही नहीं, बल्कि समस्त नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। यह जांच श्रवण संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। -डॉ. रणजीत ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी