केंद्र सरकार के तहत मिलने वाली पॉवर स्प्रेयर पर सब्सिडी बंद होने से सैकड़ों छोटे बागवानों और किसानों को तगड़ा झटका लगा है। बागवानों ने पॉवर स्प्रेयर खरीदने के लिए बागवानी महकमे में आवेदन कर रखे हैं। अब उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। ऐसे में अब बागवान बाजार से दोगुणा कीमत पर पॉवर स्प्रेयर खरीदने को मजबूर होंगे।
सब्सिडी बंद होने से तमाम बागवान सरकार की गलत नीति के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सैकड़ों बागवानों ने पॉवर स्प्रेयर खरीदने के लिए आवेदन कर रखा है। बागवान अमित, कर्मचंद, चमन, राकेश, महेंद्र ठाकुर, यशपाल राणा, प्रताप, सेस राम, ठाकर सिंह, युवराज, गोपाल महंत आदि ने कहा कि पॉवर स्प्रेयर खरीदने के लिए इस साल बजट रखा था, लेकिन सब्सिडी बंद होने पर अब पॉवर स्प्रेयर नहीं खरीद सकेंगे। उल्लेखनीय है कि बागवानों को सब्सिडी में यह पॅावर स्प्रेयर 10 हजार रुपये तक मिलता था लेकिन अब बाजार से 20 से 25 हजार रुपये दे कर खरीदना पड़ रहा है।
फलोत्पादक संघ के प्रधान महेंद्र उपाध्याय कहते हैं कि सब्सिडी बंद होने से सबसे ज्यादा नुकसान छोटे बागवानों को हुआ है। उन्होंने कहा कि छोटे बागवानों के लिए सब्सिडी राहत भरी आर्थिक सहायता थी। एकदम अधिक पैसा खर्च करने में ये बागवान सक्षम नहीं होते हैं। किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी का कहना है कि सब्सिडी बंद करने से ये बागवान बाजार से महंगी कीमत पर स्प्रेयर नहीं खरीद पाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस निर्णय पर दोबारा विचार किया जाए। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. बीसी राणा ने कहा कि इसके लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा है। जैस ही बजट का प्रावधान होगा तो बागवानों को दोबारा से सब्सिडी दी जाएंगी।