फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में नहीं हार्ट अटैक के इंजेक्शन

Fri, 29 Jan 2016 10:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए रेटीफ्यूज इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं है। अगर अस्पताल की ओर से इमरजेंसी में किसी को इंजेक्शन लगा भी दिया जाए तो बाद में मरीज से उसे रिकवर कर लिया जाता है। ऐसे में गरीब लोगों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक इंजेक्शन के लिए करीब 29 हजार से अधिक का खर्च करना पड़ रहा है। लेकिन, यह इंजेक्शन कुल्लू में दवा की दुकानों में भी उपलब्ध नहीं है। इसके चलते लोगों की परेशानियां और बढ़ रही हैं।
विज्ञापन


 ऐसा मामला कुछ दिन पहले अस्पताल में आया था, जब बालीचौकी क्षेत्र के एक गरीब मरीज के तीमारदार इंजेक्शन के लिए दर-दर भटके थे। बाद में अस्पताल प्रशासन ने जुगाड़ से इंजेक्शन तो लगवा दिया लेकिन बाद में स्टाफ ने तीमारदार से इंजेक्शन खरीदकर देने के लिए कहा। उनका मरीज तो दुनिया से रुखसत हो गया लेकिन वे अस्पताल को इंजेक्शन वापस करवाने के लिए घंटों भटकते रहे। बताया जा रहा है कि अस्पताल में यह इंजेक्शन उपलब्ध ही नहीं था। यह बाहर से मंगवाया गया था। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में हार्ट अटैक के दौरान मरीज को पक्षघात होने के दौरान जो रेटीफ्यूज (ह्म्द्गह्लद्गद्घह्वह्यद्ग) इंजेक्शन लगता है, यह बहुत कम उपलब्ध है।

बताया जा रहा है कि अधिकतर मरीजों को अस्पताल की ओर से यह इंजक्शन लगा तो दिया जाता है लेकिन उसके बाद उनके तीमारदारों से बाहर से खरीदकर अस्पताल को वापस देना पड़ता है। ऊंचे तबके के लोग इंजेक्शन को लेकर भी दे सकते हैं लेकिन गरीब तबके के लोगों को इंजेक्शन वापस करना मुश्किल होता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा कहते हैं कि कुछ दिन पूर्व भी एक केस हार्ट अटैक का आया था। उन्होंने बताया कि इस दौरान भी अस्पताल से ही मरीज को यह इंजेक्शन लगाया गया था। उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीज को अस्पताल प्रशासन ही दवाइयां और इंजेक्शन मुहैया करवाएगा। मरीज से इंजक्शन को रिकवर करने के मामले में उन्होंने कहा कि उन्होंने इसके बारे में स्टाफ को सख्त निर्देश दे दिए हैं। किसी मरीज से इंजक्शन रिकवर नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें