सर्दी के दस्तक देते ही घाटी में बिजली और दूरसंचार नेटवर्क व्यवस्था ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। रोहतांग टनल के नॉर्थ पोर्टल के साथ लगते गांवों में बेहतर दूरभाष सेवा देने के मकसद से बीएसएनएल ने तेलिंग में इसी साल एक टॉवर स्थापित किया था, लेकिन बताया जा रहा है कि बिजली की सुचारु आपूर्ति नहीं होने के कारण यहां पर मोबाइल सेवा चरमरा गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने महज कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए आनन फानन में टावर स्थापित कर दिया। स्थानीय पंचायत प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि हवा के झोंके के साथ मोबाइल सिग्नल गायब हो जाता है। सिग्नल की दिक्कत के कारण बात करते-करते फोन कट जाता है। जबकि, रोहतांग टनल के नॉर्थपोर्टल पर काम कर रहे बीआरओ तथा कंपनी के कामगारों के साथ इंजीनियरों को भी इस स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान ओमप्रकाश के मुताबिक हालांकि, इस समस्या को लेकर उन्होंने विभाग को कई बार अवगत करवाया लेकिन वोल्टेज में उतार चढ़ाव का हवाला देकर बीएसएनएल अपना पल्लू झाड़ लेता है।
उधर, अंडरग्राउंड बिजली की तारें कट जाने से कोकसर तथा डिंफू के लिए थिरोट परियोजना से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। लिहाजा, इन दोनों गांवों के लिए मनाली से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। पंचायत के पूर्व प्रधान रतन बौद्ध ने बताया कि बिजली गुल होने के साथ ही इलाके में दूरसंचार नेटवर्क भी ठप हो गया है। इस संदर्भ में विभाग के एसडीओ तीर्थराज ने कहा कि तेलिंग में जल्द नेटवर्क की समस्या को दूर कर दिया जाएगा।