18 साल की युवती से लेकर 70 साल की बुजुर्ग महिला भी नाची, दादी, पोती, बहु एक साथ नाटी डालने पहुंचीं
महानाटी ने दिया सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश
संजय भारद्वाज
मनाली (कुल्लू)। आपणा हिमाचल होरा भोरा बनाना...। हिमाचल को हरा भरा बनाने के संदेश के साथ मनाली के मालरोड में महिलाओं की महानाटी ने जहां ग्रामीण परिवेश की लोक संस्कृति से रूबरू करवाया, वहीं नारी शक्ति का अनूठा उदाहरण पेश किया। न उम्र की सीमा , न क्षेत्र का बंधन और न ही आर्थिक भेद। एक साथ महिलाएं कदम से कदम मिलाकर मालरोड में थिरकीं।
महानाटी महज एक मनोरंजन नहीं, बल्कि एक इतिहास बना गई। नाटी से यह भी संदेश दिया गया कि ग्रामीण परिवेश में रहने वाली महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं। काले रंग का तीन फूल वाला पट्टू, लाल ढाठू और सोने-चांदी के गहनों से सुसज्जित महिलाओं की महानाटी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रही। पर्यटकों ने बड़ी संजीदगी के साथ महानाटी का लुत्फ़ उठाया।
खास यह रहा कि महानाटी में एक साथ विभिन्न उम्र की महिलाओं ने नाटी डाली। 18 साल की युवती से लेकर 70 साल की बुजुर्ग महिला कदम से कदम मिलाकर एक साथ नाची तो मानो नजर ठहर सी गई। कई महिलाएं ऐसी भी थीं जिनकी तीन पीढ़ियां एक साथ थिरकीं।
दादी, पोती, बहु एक साथ नाटी डालने पहुंचीं तो पारिवारिक प्रेम का जीता जागता उदाहरण देखने को मिला। भले ही महानाटी की थीम बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण रहती हो लेकिन सही मायने में महानाटी सामाजिक, सांस्कृतिक एकता के साथ पर्यटन विकास के पथ प्रदर्शक बनी। पर्यटक महिलाओं की नाटी देख खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।
वहीं उप-मंडलाधिकारी मनाली एवं विंटर कार्निवल कमेटी के उपाध्यक्ष रमण कुमार शर्मा ने कहा कि महिला मंडलों की महानाटी, झांकी विंटर कार्निवल की शान है। इससे पर्यटक लोक संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं। साथ ही नारी शक्ति और सम्मान की भी महानाटी प्रतीक है। संवाद
.
मनाली विटंर कार्निवाल में नाटी में भाग लेती महिला मंडल।-संवाद
मनाली विटंर कार्निवाल में नाटी में भाग लेती महिला मंडल।-संवाद
मनाली विटंर कार्निवाल में नाटी में भाग लेती महिला मंडल।-संवाद
मनाली विटंर कार्निवाल में नाटी में भाग लेती महिला मंडल।-संवाद
मनाली विटंर कार्निवाल में नाटी में भाग लेती महिला मंडल।-संवाद