हालिया बर्फबारी के बाद लाहौल घाटी का न्यूनतम पारा शून्य से नीचे लुढ़क गया है। सुबह- शाम प्रचंड ठंड के कारण लोगों का जीना तक मुश्किल हो गया है। ठंड के कारण चिनाब नदी के तटीय इलाके बर्फ की सिल्ली में तबदील हो गए हैं। प्रचंड ठंड के कारण लाहौल घाटी के एकमात्र पेट्रोल पंप में डीजल की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है।
बताया जा रहा है पारा शून्य से नीचे लुढ़क जाने से डीजल जमने लगा है, जिस कारण डीजल गाढ़ा हो गया है। लिहाजा, लाहौल आलू उत्पादक संघ ने पंप से डीजल की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। हालांकि, घाटी के भीतर सड़कें बहाल होने के कारण टैक्सियों के अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही जारी है। जबकि, रोहतांग दर्रा होकर भी वाहन दौड़ रहे हैं। ऐसे में डीजल से चलने वाले वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छुरपक पेट्रोल पंप में डीजल की आपूर्ति बंद हो जाने ऐसे वाहन चालकों को मनाली से ईंधन लाना पड़ रहा है।
हालांकि, पंप से पेट्रोल की आपूर्ति जारी है। प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य एवं राजपूत कल्याण बोर्ड के सदस्य ध्यान सिंह ठाकुर ने उपायुक्त लाहौल-स्पीति से मिलकर दिन के समय डीजल की आपूर्ति बहाल रखने की मांग की है। ध्यान सिंह ठाकुर ने कहा कि डीजल की आपूर्ति बंद होने से वाहन चालकों के साथ ही आम यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंप में तैनात कर्मी सुरेश ने बताया कि पारा शून्य से नीचे लुढ़क जाने से डीजल जमने लगा है, जिससे आपूर्ति करने में परेशानी हो रही है। उधर, एलपीएस के उपाध्यक्ष तंजिन ने कहा कि इस संबंध में पेट्रोल पंप का दौरा कर इसके बारे में पुनर्विचार किया जाएगा।