बंजार (कुल्लू)। घाटी की वादियों में निफ्ट कांगड़ा के छात्र-छात्राओं आइशा, आरुषि, भाव्या और नमन ने मिशन संभव-वार अंगेस्ट ड्रग्स के तहत नशे पर एक सरल और जागरूकता वाली डॉक्यूमेंट्री बनाई। यह अभियान हिमालयन वालंटियर्स टूरिज्म (एचवीटी) फाउंडेशन ने चलाया है।
छात्रों ने कुल्लू जिले के अलग-अलग इलाकों और नशामुक्ति केंद्रों में जाकर नशे की असली स्थिति को समझा। डॉक्यूमेंट्री में नशे के नुकसान, इलाज और ठीक होने के बाद आने वाली दिक्कतों को दिखाया गया है।
इस काम के लिए उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता पंकी सूद से प्रेरणा मिली, जिन्होंने 20 साल पहले नशा छोड़कर मिशन संभव शुरू किया था। पंकी सूद का कहना है कि नशे से जूझ रहे लोगों को सजा नहीं, बल्कि प्यार और सहारा चाहिए। नशा विशेषज्ञ डॉ. वैद्य का कहना है कि इलाज के साथ परिवार और समाज का साथ बहुत जरूरी है। संवाद