बाशिंग और बंदरोल जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने उपायुक्त तोरुल से किया वादा
नशा एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि एक बीमारी है। इसका उपचार संभव है : उपायुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बाशिंग एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने उपायुक्त से वादा किया कि वे स्वयं कभी न तो नशा करेंगे, न ही करने देंगे और उनके ध्यान में आए नशा करने वालों, नशे में लिप्त असामाजिक तत्वों की सूचना टोल फ्री नंबर 112 पर देंगे।
उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि एक बीमारी है। इसका उपचार पूरी तरह संभव है। यदि परिवार या समाज में कोई व्यक्ति नशे की चपेट में है तो उससे घृणा करने के बजाय उसे उपचार के लिए आगे लाना चाहिए। कुल्लू के भुंतर में स्थापित नशा मुक्ति केंद्र में निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है। यहां आईपीडी और ओपीडी सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। साथ ही महिलाओं के लिए यह प्रदेश का पहला ऐसा केंद्र है, जहां अस्पताल की सुविधा दी जा रही है। इस केंद्र में चिकित्सक, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, काउंसलर, नर्स तथा अन्य प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है। उपायुक्त विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थीं। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाशिंग और बंदरोल स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में नशे के विरुद्ध जागरूकता शिविर लगाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाना और नशा मुक्त समाज की दिशा में ठोस संकल्प को सुदृढ़ करना रहा। पुलिस अधीक्षक मदन लाल ने विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को जान बूझकर नशे के गर्त में धकेलने का षड्यंत्र रचा जा रहा है लेकिन सरकार चिट्टे सहित सभी प्रकार के नशे के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।