इनकी फिक्र करने वाला न तो जिला प्रशासन, न ही स्वास्थ्य विभाग और न ही आईपीएच विभाग है। लिहाजा, इन दिनों भी काफी संख्या में यहां रह रहे लोग खड्ड का पानी ही पी रहे हैं।
काफी लंबे समय से सरवरी खड्ड किनारे झुग्गी-झोपड़ी में करीब 305 परिवार रह रहे हैं। इनको सुविधाएं देने के लिए तो प्रशासनिक अधिकारी बड़े-बड़े वायदे करते हैं, लेकिन दशकों बीत जाने के बाद भी आज दिन तक इन्हें शुद्ध पेयजल का नल तक नसीब नहीं हुआ है। यह प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
प्रदेश में अधिकारियों से लेकर डॉक्टर और अन्य कई लोग इन दिनों पीलिया की चपेट में आ गए हैं। वहीं कुल्लू शहर में तो 305 परिवार अभी तक खड्ड का पानी पी रहे हैं। ऐसे में यहां पर भी पीलिया जैसी बीमारी लोगों को चपेट में ला सकती है।
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झुग्गी-झोपड़ी संघ के प्रधान महेंद्र पाल का कहना है कि यहां पर शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है यहां रह रहे लोग अकसर खड्ड का पानी ही पीते हैं। उन्होंने बताया कि या तो बस स्टैंड से पानी पीने को लाना पड़ता है। वहीं, यहां रह रहे जसपाल, मखन और मुकेश का कहना है कि यहां शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों ने प्रशासन से शुद्ध पेयजल का नल लगाने की गुहार लगाई है।
क्या कहता है आईपीएच विभाग
आईपीएच विभाग के एसडीओ सेस राम आजाद ने बताया कि अभी तक तो यहां कोई भी नल नहीं स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद के नए अध्यक्ष ने विभाग से नल लगाने की बात की है। उन्होंने इस पर गंभीरता ली जाएगी।
कुल्लू में तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वाईडी शर्मा कहते हैं कि पीलिया जैसी बीमारी पर काबू पाने के लिए विभाग सतर्क हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से शुद्ध पेयजल पीने अपील की है।