वहीं वन विभाग द्वारा नगर परिषद की पुराने प्रतिनिधियों से यहां मलबा फैंकने की नोटिफिकेशन की कॉपी मंगवाई गई है। यह जमीन वन विभाग की है या नगर परिषद की है इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि यहां पर कुछ समय पहले पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए वन विभाग ने देवदार के पौधे रोपित कर रखे थे।
यहां पर काफी संख्या में पौधे टिक गए थे कि इसके ऊपर मलबा डालकर सरेआम नष्ट किए गए। जानकारी मुताबिक जहां पर सरवरी खड्ड किनारे यह मलबा फेंका जा रहा है वहां पर पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि यहां पर वन विभाग ने एक बोर्ड भी लगाया है यहां पर कूड़ा-कचरा फेंकना मना है।
इसके बावजूद यहां पर मलबे की डंपिंग की गई है। यहां पर मलबा फेंकने के लिए वन विभाग के पास कोई रेजूलेशन की कॉपी नहीं है। डीएफओ कुल्लू डॉ. नीरज ने कहा कि टीम को मौके के लिए भेजा गया था।
उन्होंने बताया कि जब डंपिंग के बारे कार्रवाई की गई तो उसमें पता चला कि यहां पर नगर परिषद के पुराने प्रतिनिधि पार्किंग का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनसे रेजूलेशन की कॉपी मांगी गई है। इसकी छानबीन जारी। जब तक पूरी जांच नहीं हुई तो तब तक यहां पर मलबे की डंपिंग होने नहीं दी जाएगी।