केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में बागवानी के नए विकल्प विकसित करने की दिशा में ब्लूबेरी की खेती उम्मीद जगा रही है। गौंधला के प्रगतिशील बागवान प्रताप चंद ने 500 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में ब्लूबेरी के 500 पौधे उगाए हैं। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शुगू क्षेत्र के दौरे के दौरान ब्लूबेरी की खेती का निरीक्षण किया और बागवान के प्रयासों की सराहना की।
पांगी दौरे से लौटते समय शुगू पहुंचे मंत्री के साथ बागवानी विभाग की उपनिदेशक मीनाक्षी शर्मा भी मौजूद रहीं। मंत्री ने कहा कि ब्लूबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसल किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने बागवानी विभाग को निर्देश दिए कि घाटी में इस खेती को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक किसानों और बागवानों को प्रोत्साहित किया जाए।
मंत्री ने कहा कि ब्लूबेरी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए विभाग किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध करवाए, ताकि घाटी में बागवानी के नए विकल्प विकसित हो सकें। बागवान प्रताप चंद ने बागवानी विभाग के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग से पॉलीहाउस में ब्लूबेरी की खेती शुरू की है। इस पॉलीहाउस को स्थापित करने पर करीब 12.50 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसमें सरकार और बागवानी विभाग की ओर से 9.37 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। यह पहल कम भूमि में उच्च मूल्य वाली फसल उगाकर बेहतर आय अर्जित करने की संभावनाओं को दर्शाती है। संवाद