चार हलकों के लोगों ने विधायकों से की विकास और समस्याएं हल करने की मांग
कहा - कुल्लू-मनाली हाईवे तीन से जल्द हटाया जाए डोहलूनाला टोल प्लाजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के लोगों को कई बड़ी योजनाओं की दरकार है। जिला मुख्यालय कुल्लू में मेडिकल कॉलेज की मांग लंबे समय से चल रही है। मनाली के डोहलूनाला टोल प्लाजा को हटाने की मांग भी तीन साल से उठ रही है।
बंजार में बाईपास का निर्माण और बाह्य सराज आनी विस क्षेत्र में जलोड़ी टनल के प्रोजेक्ट को पूरा करने की लोग मांग कर रहे हैं। भाजपा विधायकों ने प्राथमिकता बैठक से बहिष्कार किया है, लेकिन जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों की जनता ने अहम मुद्दों को उठाते हुए विधायकों से विकास और समस्याओं का हल निकालने की मांग की है।
वर्तमान में जिले में कोई भी मेडिकल कॉलेज नहीं है। पर्यटन के लिए प्रसिद्ध कुल्लू घाटी में मेडिकल कॉलेज न होने से यहां लोगों को स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा नहीं मिल पाती है। लोगों को जिला अस्पताल से दूसरे जिले के मेडिकल कॉलेजों में रेफर करना पड़ता है। बंजार वर्षों से बाईपास की राह देख रहा है। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली 69 पंचायतों की करीब 1.30 लाख की आबादी जलोड़ी टनल बनाने की मांग कर रही है। कई जगह पार्किंग और कूड़े कचरे के उचित निदान की व्यवस्था नहीं है।
डोहलूनाला टोल प्लाजा को जल्द हाईवे से हटाना चाहिए। टकोली और डोहलूनाला के बीच महज 38 किलोमीटर दूर है। नियमानुसार दो टोल प्लाजा में 60 किमी दूरी होनी चाहिए। ब्यास की बाढ़ से कल्लू-मनाली के बीच एनएच खस्ताहाल हो गया है। - हरदीप सिंह दीपा, कारोबारी
आनी विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली जलोड़ी टनल की मांग तीन-चार दशकों से चल रही है। यह टनल आनी-निरमंड को 12 महीने जिला मुख्यालय से जोड़ेगी। इसका लाभ रामपुर, शिमला, किन्नौर, करसोग व स्पीति के हजारों लोगों को मिलेगा। - लीला प्रसाद, समाजसेवी
बंजार विधानसभा क्षेत्र का बाईपास स्थानीय लोगों की पुरानी मांग की है। इसे शहर में लगने वाला घंटों के जाम से राहत मिलेगी। इससे लोगों के साथ सैलानियों को परेशान होना पड़ता है। हाईवे-305 को भी बंजार से सोझा तक दुरुस्त किया जाना चाहिए। - निहाल ठाकुर, बागवान
कुल्लू में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाना चाहिए। पर्यटन के केंद्र कुल्लू में अभी मेडिकल की उच्च स्तरीय सुविधा नहीं है। यहां चार जिलों के मरीज उपचार को आते हैं। पार्वती घाटी की मुख्य सड़क भुंतर-मणिकर्ण का बेहतर रखरखाव करने की जरूरत है। - गोपाल कृष्ण शास्त्री, समाजसेवी